आया सावन झूम के | Aaya sawan jhoom ke

तर्ज: आया सावन झूम के...

बदरा… हाय बदरा छाये
कि झूले पड़ गए हाय
कि मेले लग गए मच गयी धूम रे,
कि आया सावन झूम के

बदरा… हाय बदरा छाये
कि झूमे पर्वत हाय
कि कजरारी बदरिया को चूम के,
कि आया सावन…

– १ –

काहे सामने सबके, बालमवा तू छेड़े जालमवा – २
काहे फेके नजर कि डोरी, तू लुक छिप के गोरी
गजरा… हाय… गजरा हाय बेरी बिखरा जाय रे,
मेरा कजरा ओये मच गयी धूम रे
कि आया सावन…

– २ –

जाने किसको किसकी याद आयी कि चली पुरवाई – २
जाने किस बिरहन का मन तरसा, के पानी बरसा
कंगना… हाय… कंगना लाये, कि घर लौट के आये,
परदेसी बिदेसवा से घूम के…
कि आया सावन झूम के…

– ३ –

तेरे शहर कि है ये लड़िया कि सावन कि झड़िया – २
ये है मस्त घटाओ कि टोली, कि तेरी है डोली
धड़का… जाए… धड़का जाए रे मेरा मनवा हाय रे,
साजनवा कि मच गयी धूम रे…
कि आया सावन झूम के…

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