ऐ जी म्हारा समधी जी | Ae ji mhara samdhiji

तर्ज: मैं हूं छोरी मालन की ...

कमर टेढ़ी समधन की, वा तो लंगड़ी लंबड़ी चल रही रे
ऐ जी म्हारा समधी जी


– 1 –

भाग खुल गया समधी जी का जिनकी जोरु मोटी है
दरवाजे मे फंस गई अब खिचमखाची हो रही है। ऐ जी म्हारा …

– 2 –

भाग खुल गया समधी जी का जिनकी जोरु छोटी है
बच्चा-बच्ची में खेल रही अब ढूंढ़ा-ढुंढ़ा हो रही है। ऐ जी म्हारा …

– 3 –

भाग खुल गया समधी जी का जिनकी जोरु लंबी है
सीढ़ी बनकर लटक गई अब उतरा-उतरी हो रही है। ऐ जी म्हारा …

– 4 –

भाग खुल गया समधीजी का जिनकी जोरु काली है
पार्लर मैं बैठ गई अब लीपा पोती हो रही है। ऐ जी म्हारा …

– 5 –

भाग खुल गया समधीजी का जिनकी जोरु गोरी है
बिजली बंद हो गई अब घर को रोशन कर रही है। ऐ जी म्हारा …

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