बन्नी रे बन्नी रे आना जल्दी | Banni re banni re aana jaldi

तर्ज: परदेशी-परदेशी जाना नहीं ...

बन्नी रे बन्नी रे आना जल्दी, लगन करके लगन करके
बन्नी तुम जल्दी आना, संग खुशिया लाना
आंसू और गुस्सा वहीँ छोड़ के आना….
बन्नी रे बन्नी रे …

– 1 –

रोज सबेरे जल्दी से उठ जाना तुम, जाना तुम
सबसे पहले सबकी चाय बनाना तुम
चाय बनाना, नाश्ता बनाना…
खाने की तयारी कहीं भूल न जाना
बन्नी रे बन्नी रे …

– 2 –

रोेज सबेरे घर की झाड़ू लगाना तुम, लगाना तुम
उसके बाद पोछा भी लगाना तुम
झाड़ू लगाना, पोछा लगाना….
कपड़े और बर्तन कहीं भूल ना जाना
बन्नी रे बन्नी रे …

– 3 –

रोज शाम को छत पर तुम्हे घुमाऊंगा, घुमाऊंगा
उसके बाद पिक्चर भी ले जाऊंगा
छत पर घुमाऊ, पिक्चर ले जाऊ
बस मइके जाने का तुम नाम न लेना
बन्नी रे बन्नी रे …

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