छैला म्हने घुमाने ले चल | Chhaila mhane ghumane le chal

तर्ज:

छैला म्हने घुमाने ले चल,य म्हारो जिय घबराय
रोटी पोतां थारा घर की, म्हारो जिय घबराय।

– 1 –

सासुजी म्हारा बनठन के, बैठया ससुरा के संग सट के
बैठया-बैठया हुकम चलाये, म्हारो जिय घबराय। छैला …

– 2 –

जिठानी का पांव है भारी, वी के लागे ढेर बीमारी,
जेठजी वीका लाड़ लड़ाय, म्हारो जिय घबराय। छैला …

– 3 –

देवर नवा-नवा है परण्यां, उनका चित्र चढ़ी है जमना
वे तो रोज सिनेमा जाय, म्हारो जिय घबराय। छैला …

– 4 –

ननदल, चमके बिजुरी जैसी, वा तो घुमे परियां जैसी
पढ़वा कालेजां मे जाय, म्हारो जिय घबराय। छैला …

इस पेज को शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *