गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी | Gaur ae Gangour mata khol kiwadi

तर्ज:

गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,
बाहर ऊबी थारी पूजन वाली।

पूजो ए पुजावो सँइयो काँई धन माँगा,
माँगा ए म्हेँ अन-धन लाछर लिछमी।

जलहर जामी बाबुल माँगा, राताँ देई माँयड,
कान्ह कँवर सो बीरो माँगा, राई सी भौजाई।

ऊँट चढ्यो बहनोई माँगा, चूनडवाली बहना,
पून पिछोकड फूफो माँगा, माँडा पोवण भूवा।

लाल दुमाल चाचो माँगा, चुडला वाली चाची,
बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी।

ऐसो दीजे पीयर सासरौ ए, इतरो सो परिवार,
परण्याँ तो देई माता पातळा ए, साराँ मेँ सिरदार।

गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,
बाहर ऊबी थारी पूजन वाली।

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  1. गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,
    बाहर ऊबी थारी पूजन वाली।

    पूजो ए पुजावो सँइयो काँई धन माँगा,
    माँगा ए म्हेँ अन-धन लाछर लिछमी।

    जलहर जामी बाबुल माँगा, राताँ देई माँयड,
    कान्ह कँवर सो बीरो माँगा, राई सी भौजाई।

    ऊँट चढ्यो बहनोई माँगा, चूनडवाली बहना,
    पून पिछोकड फूफो माँगा, माँडा पोवण भूवा।

    लाल दुमाल चाचो माँगा, चुडला वाली चाची,
    बिणजारो सो मामो माँगा, बिणजारी सी मामी।

    ऐसो दीजे पीयर सासरौ ए, इतरो सो परिवार,
    परण्याँ तो देई माता पातळा ए, साराँ मेँ सिरदार।

    गोर ए गणगौर माता खोल किँवाडी,
    बाहर ऊबी थारी पूजन वाली।

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