मेरे सर पर रख दो गुरूवर अपने ये दोनों हाथ | Mere sir pe rakh do guruwar apne ye dono haath

तर्ज:

मेरे सर पर रख दो गुरूवर अपने ये दोनों हाथ – 2
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ – 2

– 1 –

सुना है हमने शरणागत को अपने गले लगाते हो – 2
ऐसा हमने क्या माँगा जो देने से घबराते हो ।
चाहे सुख में रख या दुःख में – 2, बस थामे रहना हाथ ॥
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ – 2

– 2 –

झुलस रहें है गम की धुप में, प्यार की छईया कर दे तू ।
बिन माझी के नाव चले ना, अब पतवार पकड़ ले तू ।
मेरा रास्ता रौशन कर दो – 2, छायी अन्धिआरी रात ॥
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ – 2

– 3 –

इसी जनम में सेवा देकर बहुत बड़ा अहसान किया – 2
तू ही मांझी , तू ही खिवैया मैंने तुझे पहचान लिया,
रहे साथ जनम जन्मो तक – 2, बस इतनी रख लो बात ॥
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ – 2

मेरे सर पर रख दो गुरूवर अपने ये दोनों हाथ – 2
देना हो तो दीजिए जनम जनम का साथ – 2

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