म्हारी मां को जायो वीरो | Mhari maa ko jaayo veero

तर्ज:

– 1 –

कठां से आई सूंठ कठां से आयो जीरो।
कठां से आयो ये बाई मां को जायो वीरो।
सूठोद से आई सूंठ, जयपूर से आयो जीरो
कानपूर से आयो ये, म्हारी मां को जायो वीरो।

– 2 –

काये में आई सूंठ, काये में आयो जीरो,
काये मे आयो ये, भोली भावज थारो वीरो।
गाड़ी में आई सूंठ, टरक में आयो जीरो
वां रेल में आयो ये, म्हारी मां को जायो वीरो।

– 3 –

कठे उतारा सूंठ कठे उतारा जीरो,
कठे उतारां ये थारी मां को जायो वीरो।
डब्बे उतारां सूंठ, कोठयां उतारा जीरो,
महलां उतारां ये, म्हारी मां को जायो वीरो।

– 4 –

काहे में चहिये सूंठ, काहे में चहिये जीरो
काहे में चहिये जी, भोली भावज थारो वीरो,
जापा मे चहिये सूंठ, बधार में चहिये जीरो।
मायरा में चहिये जी वो तो मां को जायो वीरो।

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