पारस प्यारा लागो, चँवलेश्वर प्यारा लागो | Paras pyara lago, chanwaleshwar pyara lago

तर्ज:

पारस प्यारा लागो, चँवलेश्वर प्यारा लागो,
थांकी बांकडली झाड़या में – २
गैलो भूल्यो जी म्हारा पारस जी, भूल्यो जी म्हारा पारस जी
म्है रस्तो कैंया पांवाला।
पारस प्यारा लागो…

– १ –

अब डर लागे छे म्हाने, हर बार पुकारां थाने – २
थांका पर्वत रा जंगल मे – २
सिंह धडूके हो म्हारा पारस जी, धडूके हो म्हारा पारस जी
म्है रस्तो कैंया पांवाला।
पारस प्यारा लागो…

– २ –

थे राग द्वेष न त्यागा, मैं आया भाग्या भाग्या – २
थांका पर्वत री भाटा की – २
ठोकर लागी हो म्हारा पारस जी, लागी हो म्हारा पारस जी
म्है रस्तो कैंया पांवाला।
पारस प्यारा लागो…

– ३ –

म्हे अजमेर शहर से चाल्या, थांका ऊँचा देख्या माला – २
म्हाने पेडया-पेडया चढवो – २
प्यारो लागो हो म्हारा पारस जी, लागो हो म्हारा पारस जी
म्है रस्तो कैंया पांवाला।
पारस प्यारा लागो…

– ४ –

थांका विशाल दर्शन पाया, जद तन मन से हरषाया – २
थांकी छतरी की तो शोभा – २
न्यारी लागे हो म्हारा पारस जी, लागे हो म्हारा पारस जी
म्है रस्तो कैंया पांवाला।
पारस प्यारा लागो…

– ५ –

थे झूठ बोलबो छोडो, और धर्म सूं नाता जोड़ो – २
म्हारी बांकडली झाड़या में – २
गैलो पावो जी म्हारा सेवक जी, पावो जी म्हारा सेवक जी
थे सीधो रस्तो पावोला।
पारस प्यारा लागो…

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