रिमझिम गिरे सावन | Rimjhim geere sawan

तर्ज: रिमझिम गिरे सावन...

रिमझिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाय मन,
भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन

रिमझिम गिरे सावन, सुलग सुलग जाय मन,
भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन

– १ –

जब घुंघरूओ सी बजती है बूंदे,
अरमां हमारे पलके न मूंदे
जब घुंघरूओ सी बजती है बूंदे,
अरमां हमारे पलके न मूंदे
कैसे देखे सपने नयन, सुलग सुलग जाय मन
भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन

– २ –

महफ़िल में कैसे कह दे किसी से,
दिल बंध रहा है किस अजनबी से
महफ़िल में कैसे कह दे किसी से,
दिल बंध रहा है किस अजनबी से
हाय करे अब क्या जतन, सुलग सुलग जाय मन
भीगे आज इस मौसम में, लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन

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