सावन में मोरनी बनके मैं तो छम छम नाचू | Sawan me morni ban ke mai to chham chham naachu

तर्ज: सावन में मोरनी बनके...

सावन में मोरनी बनके मैं तो छम छम नाचू,
हो मैं तो छम छम नाचू।
सावन में मोरनी बनके मैं तो छम छम नाचू,
हो मैं तो छम छम नाचू,

सांवरिया तेरी याद में – २,तेरी चिट्ठियां बाचू।
सावन में मोरनी बनके…
सांवरिया तेरी याद में…

– १ –

तीरो सी चुभती है, सावन की सब ये बूंदे।
चिट्ठी का हर अक्षर, मेरी उड़ाता है नींदे।
एक तो ये तन्हाई ढाये है सितम,
उसपे यूँ सावन में जलते ये है हम।
सावन में मोरनी बनके…
सांवरिया तेरी याद में…

– २ –

आओ आओ जानम, प्यार का है ये मौसम।
मदमाती बारिश में, आओ ज़रा भीगे हम।
एक सपना लगता है आना तेरा,
आओगे कहता है ये दिल मेरा।
सावन में मोरनी बनके…
सांवरिया तेरी याद में…

सावन में मोरनी बनके मैं तो छम छम नाचू,
हो मैं तो छम छम नाचू।
सावन में मोरनी बनके मैं तो छम छम नाचू,
हो मैं तो छम छम नाचू।

सांवरिया तेरी याद में – २, तेरी चिट्ठियां बाचू।
सावन में मोरनी बनके…
सांवरिया तेरी याद में…

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